लोग बहरे हैैं इन्हें दिल की सुनाया न करो
बंद दरवाजों पे दस्तक लगाया ना करो
तेज़ हवा के झोंके से मिट जायेगी
रेत पे मेरी तस्वीर बनाया ना करो
उठ आए जो इस पार कभी लौटते नहीं
तन्हा बैठ के हमें बुलाया ना करो
यादों की धूल झाड़ कर उजाला करलो
उदासी के अंधेरों में खो जाया ना करो
गत जीवन की खुशियां पिरो लो मन में
नम आंखों से झूठा मुस्कराया ना करो
मिलेंगे उस पार वादा है मेरा तुमसे
फूंक फूंक के दिल को यूं जलाया ना करो
लोग बहरे हैैं इन्हें दिल की सुनाया न करो
बंद दरवाजों पे दस्तक लगाया ना करो
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