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Friday, September 18, 2020

उनसे पूछो...

 

कुछ माह की नकाब ने हमें गाफिल कर दिया
उनसे पूछो जो सदियों से बुर्कों में बन्द हैं

कुछ माह की तालाबंदी से हम बेज़ार हो लिए
उनसे पूछो जिनके हलफ दूसरों के पाबंद हैं

कुछ माह से दोस्तों की महफिलें नाबाद हैं
उनसे पूछो जो तन्हाइयों की कैद मेंआबाद हैं

कुछ माह से महफिलें ज़ूम तक नज़रबंद हैं

उनसे पूछो जिनके चूल्हे रोजी बिन मंद हो गये

कुछ माह की तमाम बन्दिशों से परेशां हो गए
उनसे पूछो जिनके अपने चिर निंद्रा में सो गए।

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