Pages

Wednesday, March 31, 2010

जीवन का सच...?

Parents can only give good advice or put them on the right paths, but the final forming of a person's character lies in their own hands...हमें सदा उनकी रिसपेक्ट करनी चाहिए चाहे वह parents हों या parents इन law..कोई भी माँ बाप अपने बच्चो का बुरा नहीं चाहते, शायद यह जताने का उनका तरीका हमें पसंद ना हो पर इस में कोई शक नहीं की परिवार की बुनियाद सदा माता पिता के मान-सम्मान , मर्यादा पालन पर ही टिकती है..हर बेटा-बेटी/बहु को यह सदा याद रखना चाहिए...सुखी , प्रेम भरे जीवन के लिए गिव एंड टेक ज़रूरी है और इसमें कोई शक नहीं कि स्त्री को ही सबसे बढ़ कर adjustment करनी पढ़ती है॥ इसी में उसकी बढ़ाई है...इसी में उसकी
महानता है .

No comments:

Post a Comment